Mudra Bazar Lesson Plan For B.Ed/D.El.Ed : मुद्रा बाजार पाठ योजना

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Mudra Bazar Lesson Plan For B.Ed/D.El.Ed : मुद्रा बाजार पाठ योजना 

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मुद्रा बाजार भारत में वित्तीय बाजार का एक भाग है जहां अल्पकालिक निधियों का उधार लेना और उधार देना होता है। मुद्रा बाजार लिखतों की परिपक्वता एक दिन से एक वर्ष तक की होती है। भारत में, इस बाजार को आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) और सेबी (भारतीय सुरक्षा और विनिमय बोर्ड) दोनों द्वारा नियंत्रित किया जाता है। इस बाजार में लेन-देन की प्रकृति ऐसी है कि वे मात्रा में बड़े और मात्रा में अधिक होते हैं।

मुद्रा बाजार अल्पकालिक निधियों का बाजार है। हम अल्पावधि को 364 दिनों या उससे कम की अवधि के रूप में परिभाषित करते हैं। दूसरे शब्दों में, उधार और चुकौती 364 दिनों या उससे कम समय में होती है। निर्माताओं को दो प्रकार के वित्त की आवश्यकता होती है: कच्चे माल की खरीद, मजदूरी का भुगतान, उत्पाद शुल्क, बिजली शुल्क आदि जैसे दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए वित्त, और पूंजीगत व्यय जैसे मशीनरी की खरीद, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण की स्थापना आदि को पूरा करने के लिए वित्त।

वित्त की पहली श्रेणी को थोड़े समय के लिए उत्पादन प्रक्रिया में निवेश किया जाता है। जिस बाजार में ऐसे अल्पकालीन वित्त को उधार लिया जाता है और उधार दिया जाता है, उसे ‘मुद्रा बाजार’ कहा जाता है। वित्तीय प्रणाली में लगभग हर चिंता, चाहे वह एक वित्तीय संस्थान, व्यावसायिक फर्म, एक निगम या एक सरकारी निकाय हो, में तरलता प्रबंधन की आवर्ती समस्या होती है |

Mudra Bazar Lesson Plan : Money Market Lesson Plan In Hindi 

विषय वस्तु विश्लेषण

  • मुद्रा बाजार का अर्थ
  • मुद्रा बाजार की परिभाषा
  • मुद्रा बाजार के कार्य

 सामान्य उद्देश्य  –

  • विद्यार्थियों की अर्थशास्त्र में रूचि उत्पन्न करना |
  • विद्यार्थी की कल्पना शक्ति का विकास करना |
  • विद्यार्थी की रचनात्मक प्रवृत्तियां को प्रोत्साहित करना |
  • विद्यार्थियों की तर्क शक्ति का विकास करना |
  • विद्यार्थियों की मानसिकता विकास करना |

 विशिष्ट उद्देश्य –

ज्ञान

  • विद्यार्थी मुद्रा बाजार के बारे में लिखना सीख जाते हैं |
  • विद्यार्थी मुद्रा बाजार के बारे में अपने कथन देना सीख जाते हैं |

बोध

  • मुद्रा बाजार की व्याख्यादेना सीख जाते हैं |
  • मुद्रा बाजार का चयन करना सीख जाते हैं |

प्रयोगात्मक

  • विद्यार्थी मुद्रा बाजार का उपयोग करना सीख जाते हैं |
  • विद्यार्थी मुद्रा बाजारसे गणना करना सीख जाते हैं |

 कौशलात्मक उद्देश्य

  • विद्यार्थी मुद्रा बाजार के बारे में अपना तर्क देना सीख जाते हैं |
  • विद्यार्थी मुद्रा बाजार के कार्य के मूल्यांकन का कौशल प्राप्त कर सकेंगे |

 अनुदेशात्मक सामग्री

  •  सामान्य सामग्री – चौक, झाड़न, संकेतक, श्यामपट्ट
  • विशिष्ट सामग्री – एक चार्ट जिसमें मुद्रा के बारे में बताया गया हो |
  • पूर्व ज्ञान छात्रों को मुद्रा के बारे में पता होगा |

पूर्व ज्ञान परीक्षण

अध्यापक क्रियाये छात्र क्रियाये
मनुष्य को व्यापार प्रारंभ करने के लिए किस वस्तु की आवश्यकता होती है ? धन
क्या सभी मनुष्यों के पास व्यापार प्रारंभ करने के लिए धन होता है ?

 

सभी के पास धन नहीं होता
जो संस्था मुद्रा का लेनदेन कर आते हैं उसे क्या कहते हैं ? समस्यात्मक

 

उद्घोषणा– आज मैं आपको मुद्रा बाजार के कार्य बताऊंगी |

प्रस्तुतीकरण

शिक्षण छात्र अध्यापक क्रियाएं छात्र क्रियाएं घटक  
मुद्रा बाजार का अर्थ अर्थशास्त्र के देश में रहने वाले विभिन्न वर्ग के लोगों का अध्ययन करें तो हमें दो प्रकार के व्यक्ति दिखाई देते हैं एक तो वे जिनके पास जरूरत से ज्यादा रुपया है और वह उनका कोई उपयोग नहीं कर पाते तथा चाहते हैं कि ऋण के रूप में ही देते दूसरे पर जो कोई व्यवसाय करना चाहते हैं परंतु उनके पास धन नहीं और चाहते हैं कि किसी से लेकर ही काम शुरू कर दें | जो संस्था इन दोनों प्रकार के व्यक्तियों को मिलाता है और मुद्रा का लेनदेन कर आता है उसे मुद्रा बाजार कहते हैं | छात्र अपनी कॉपी में नोट करेंगे |  
 परिभाषा डॉक्टर चाकू के अनुसार मुद्रा बाजार एक ऐसा संयंत्र है जो कि उधार लेने वालों को ऋण उपलब्ध कराता है तथा देने वाले को लगाने हेतु अवसर प्रदान करता है|  
कार्य मुद्रा बाजार के कार्य इस प्रकार हैं |    
पूंजी संचय को प्रोत्साहित करना बचतकर्ताओं को अपनी बचत का सदुपयोग मुद्रा बाजार के कारण ही संभव हुआ है | यदि मुद्रा बाजार ना होता तो बचत करने वाले को अपनी आय अर्जन करने का अवसर नहीं मिलता |    
उद्योग तथा कृषि को वित्त व्यवस्था  मुद्रा बाजार की सहायता से उद्योग तथा कृषि में संलग्न व्यक्तियों एवं संस्थाओं को अल्पकालीन दृढ़ता से आवश्यकतानुसार प्राप्त हो जाता है |  
सरकार को ऋण प्राप्त करने में सुविधा सरकार अपनी अल्पकालीन ऋण संबंधी आवश्यकताओं को मुद्रा बाजार से सरलता से पूरा कर देती है |

 

   
पूंजी की गतिशीलता यह एक राष्ट्र की आर्थिक व्यवस्था का प्रमुख अंग है यह राष्ट्र की अतिरिक्त भूमि को एक स्थान पर एकत्रित करके राष्ट्र की आर्थिक उन्नति के लिए कहीं भी ले जाने में सहयोग देता है |  
प्रश्न पूंजी बाजार के क्या क्या कार्य हैं ?    
अन्य कार्य 1.   यह पूंजी बाजार के विकास में सहायक होता है|

2.   मुद्रा बाजार का मूल्य स्थिर बनाए रखने में सहायक होता है|

3.   अर्थव्यवस्था के सुसंचालन में सहायता देता है|

 

   

 

मूल्यांकन

  • मुद्रा बाजार का क्या अर्थ होता है |
  • मुद्रा बाजार उद्योग तथा कृषि के वित्त की व्यवस्था कैसे करता है |

गृह कार्य –

  • मुद्रा बाजार की परिभाषा दीजिए|
  • मुद्रा बाजार के कार्य

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